Basti (Uttar Pradesh) ट्री इनिशिएटिव्स सोसाइटी के साप्ताहिक पठन और पाठन मंच ‘बैठकी’ का 11वां सत्र आगामी रविवार को ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस बार का सत्र हिंदी साहित्य के प्रमुख लेखक विनोद कुमार शुक्ल की चर्चित कृतियों को समर्पित होगा।
सत्र में उनकी पांच महत्वपूर्ण रचनाओं — हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था, जो मेरे घर कभी नहीं आएंगे, प्रेम की जगह अनिश्चित है, अपने हिस्से में लोग आकाश देखते हैं और आंख बंद कर लेने से — पर विस्तार से विमर्श होगा। इन कृतियों में जीवन के विविध आयाम, व्यक्ति की आंतरिक जद्दोजहद, प्रेम, हताशा और आशा जैसी संवेदनाओं को बड़ी सहजता और गहराई से प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता होंगे करण कौशिक, जो पेशे से Poet, Writer और Frontend Developer हैं। उन्होंने अब तक छह पुस्तकें — जज़्बात, अल्फ़ाज़ दिल से, Wandering Thoughts of the Sky, Sky is the Limit, The Inconceivable Soul और Sangrahalay प्रकाशित की हैं। उनकी रचनाएं भावनाओं, जीवन-दर्शन और मानव अनुभवों को गहराई से अभिव्यक्त करती हैं।
शिक्षा सेतु इनीशिएटिव के तहत आयोजित यह सत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में होगा, ताकि अधिक से अधिक पाठक, विद्यार्थी और साहित्य प्रेमी इससे लाभान्वित हो सकें। आयोजकों का मानना है कि विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएं आज की पीढ़ी के लिए न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि जीवन को देखने और समझने का नया दृष्टिकोण भी प्रदान करती हैं।
शिक्षा सेतु इनीशिएटिव के संयोजक गौतम कुमार ने कहा कि ‘बैठकी’ कार्यक्रम डिजिटल युग में किताबों से जुड़ाव बनाए रखने और पढ़ने-लिखने की रुचि को जगाने का सशक्त मंच है। हर सत्र में अलग लेखक, अलग विषय और अलग वक्ता के माध्यम से प्रतिभागियों को नए विचारों और अनुभवों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
संस्था के सचिव सच्चिदानंद शुक्ल ने बताया कि इस रविवार ‘बैठकी’ में अनएकैडमी सीकर सीनियर एजुकेटर एवं ग्रोथ हेड ऋषिराज यादव, FCI विभाग में गुणवत्ता निरीक्षक सतीश कुमार सहित तमाम साहित्य प्रेमी, शोधार्थी और युवा शामिल होंगे।
