श्रावण में रुद्राभिषेक से मिलते हैं मनोवांछित फल – पंडित चंद्रधर द्विवेदी 

श्रावण में रुद्राभिषेक से मिलते हैं मनोवांछित फल – पंडित चंद्रधर द्विवेदी 

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Basti (Uttar Pradesh) शास्त्रों में माना गया है कि सभी देवताओं के आत्मा में रुद्रनिवास करते हैं। भगवान रुदृ शिव का एकप्रिय स्वरुप् है। श्रावण मास में जगत कल्याण के लिए ही शिव जी ने विषयान किया था। विष के इसी गर्मी को शान्त करने के लिए ऋषियों मुनियों एवं देवताओ ने, विभिन्न साम्रागियों से रुद्राभिषेक कर-पूजन अर्चन किया शिव जी ने प्रशन्न हो अमोघ बर प्रदान किया। श्री द्विवेदी ने बताया जो मनुष्य श्रावण महीन मे रुद्राभिषेक एवं पूजन अर्चन करते है भगवान शिव प्रशन्न होकर उन्हे मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। अभिषेक से सभी ग्रह-वाघा, पाप ताप दूर हो जाते हैं। श्रावण के महीने में मनुष्य को लक्ष्मी प्राप्ति के लिए गन्ने का रस धन के लिए मधु, सन्तान सुख के लिए गाय के दूध से महासुख के लिए पंचामृत एवं मोक्ष के लिए तीर्थ जल, रोग दूर करने के लिए कुश के जल से अभिषेक कराना चाहिए। अभिषेक के वाद शिवलिंग पर वस्त्र, जनेऊ, शमीपत्र, भागपत्र, वेलपत्र फूल, दूर्वा धूप दीप एवं भोग अर्पण करना चाहिए। भ्रावण में रुद्राभिषेक एवं शिवार्चन से मनुष्य को सभी मनोवांछित फलभगवान शिव प्रदान क करते हैं।

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