बस्ती में मिशन शक्ति की पोल खुली: इंटर कॉलेज में लड़कियों का प्रवेश बंद, अभिभावकों में आक्रोश

बस्ती में मिशन शक्ति की पोल खुली: इंटर कॉलेज में लड़कियों का प्रवेश बंद, अभिभावकों में आक्रोश

Basti (Uttar Pradesh) उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान के बीच जनपद बस्ती से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने शिक्षा में लैंगिक भेदभाव की हकीकत उजागर कर दी है।

कलवारी क्षेत्र स्थित झिनकू लाल त्रिवेनी राम चौधरी (JLTRC) इंटर कॉलेज में दशकों से लड़कियों को प्रवेश ही नहीं दिया जा रहा है। वर्ष 1957 में को-एजूकेशन के लिए सरकारी मान्यता प्राप्त इस विद्यालय में आज तक किसी भी बालिका को गेट के भीतर तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। यह मामला मिशन शक्ति अभियान की प्रभावशीलता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

इलाके के ग्रामीणों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि इलाके की सैकड़ों बच्चियां इस कॉलेज में दाखिला न मिल पाने के कारण या तो महंगे निजी स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं या फिर पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और शिक्षा में असमानता और गहरी होती जा रही है।

स्थानीय निवासी देवानंद शुक्ल ने बताया, “विद्यालय प्रबंधक ने लड़कियों के लिए एक अलग निजी स्कूल खोला है, जहां ऊंची फीस वसूली जाती है। यह न केवल शिक्षा के अधिकार और सरकारी नीतियों का उल्लंघन है, बल्कि मिशन शक्ति अभियान का मजाक उड़ाता है।”

छात्रा प्रतीक्षा कुमारी ने कहा, “हमारी कई सहेलियों को सिर्फ इसलिए पढ़ाई छोड़नी पड़ी क्योंकि उन्हें इस कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला। कुछ ने रोते हुए प्रबंधन से गुहार लगाई, लेकिन उन्हें लौटा दिया गया।”

विद्यालय के नाम से एक अनाधिकृत व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए प्रबंधक अमित चौधरी की मौजूदगी में 23 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करने और क्यूआर कोड के ज़रिए धन जुटाने की बात सामने आई। स्थानीय निवासी अभिषेक यादव ने कहा इस तरह का ग्रुप भी लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव को बढ़ाता है। यह विद्यालय का नाम इस्तेमाल करके बड़े भ्रष्टाचार का कारण बनेगा।

गैर-लाभकारी संस्था ट्री इनिशिएटिव्स सोसाइटी के प्रबंधक दीपक कुमार ने कहा, “जब सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही बेटियों से भेदभाव हो रहा है, तो मिशन शक्ति का उद्देश्य ही ध्वस्त होता नज़र आता है।”

ग्रामीणों और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय, डीआईओएस और जिला प्रशासन से मांग की है कि लड़कियों के प्रवेश पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए और विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

इस मामले में बुधवार को डीआईओएस बस्ती ने कहा, “हमने विद्यालय से आख्या मांगी है और तदनुसार अधिकारी नियुक्त कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

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