Basti (Uttar Pradesh) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत महिला समूह सखियां आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। कन्हौली पंचायत निवासी निशा ने SBI RCT रामपुर मेडिकल कॉलेज से ट्रेनिंग प्राप्त करने के बाद घर पर ही सुंदर और आकर्षक मोमबत्तियां बनाईं और इन्हें बहादुरपुर ब्लॉक मुख्यालय पर लगे स्टाल पर बिक्री के लिए लगाया है। यह स्टाल 16 से 18 अक्टूबर तक संचालित होगा।
निशा ने बताया कि उन्होंने पिलर, चॉकलेट मोल्ड, सिलिकॉन मोल्ड और डाई मशीन के माध्यम से विभिन्न डिजाइन और रंगों की मोमबत्तियां तैयार की हैं। ये सभी मोमबत्तियां पैराफिन मोम से बनी हैं, जो त्योहारों और विशेष अवसरों के लिए उपयुक्त हैं।
खलीलपट्टी पंचायत निवासी सूर्यमति ने बताया, “घरवालों के सहयोग से हम यहां स्टाल चला रहे हैं। बीडीओ साहब ने हमें स्टाल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। यहां लगातार ग्राहक आ रहे हैं और लोग हमारी मोमबत्तियों को पसंद भी कर रहे हैं।”
ब्लॉक परिसर में लगाए गए इस स्टाल पर रंग-बिरंगी मोमबत्तियां ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती हैं। महिला समूहों का कहना है कि वे आगे चलकर इसे एक स्थायी व्यवसाय के रूप में विकसित करने की योजना बना रही हैं।
ग्राहकों ने महिला समूह सखियों की इस पहल की सराहना की है और इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ते हुए प्रोत्साहित किया है।
